आरती संग्रह से संबंधित कहानियां और कथाएं

श्री कृष्ण आरती - आरती कुंजबिहारी की

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन...

अम्बे तू है जगदम्बे काली

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली । तेरे ही गुण गाये भारती, ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनो पर, भीर पडी है भारी माँ । दानव दल पर टूट पडो, माँ करके सिंह सवारी । सौ-सौ सिंहो...

घर के सुख समृद्धि के लिए प्रत्येक गुरुवार करे ये आरती

बृहस्पति देव आरती ...

देवी शैलपुत्री जी की आरती

॥ देवी शैलपुत्री जी की आरती ॥ शैलपुत्री माँ बैल असवार।करें देवता जय जय कार॥ शिव-शंकर की प्रिय भवानी।तेरी महिमा किसी ने न जानी॥ पार्वती तू उमा कहलावें।जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥ रिद्धि...

सूर्य उपासना में आवश्यक - सूर्य आरती

ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी । तुम...

आरती श्री जनक दुलारी की

आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर...